सामुदायिक रेडियो

रेडियो सेवा का एक प्रकार है सामुदायिक रेडियो, जो वाणिज्यिक और सार्वजनिक सेवा से परे रेडियो प्रसारण का एक तीसरा मॉडल प्रदान करता है। समुदाय स्टेशन भौगोलिक समुदायों और अभिरुचि के समुदायों की सेवा कर सकते हैं। वे ऎसी सामग्री का प्रसारण करते हैं जो कि किन्हीं स्थानीय/विशिष्ट श्रोताओं में लोकप्रिय है, जिनकी अनदेखी वाणिज्यिक या जन-माध्यम प्रसारकों द्वारा की जा सकती है।

सामुदायिक रेडियो स्टेशन ऐसे समुदायों द्वारा परिचालित और संचालित होते हैं और उनका स्वामित्व भी उनका ही होता है, जिनके लिए वे सेवा प्रदान करते हैं। सामुदायिक रेडियो लाभ कमाने के लिए नहीं होते और यह व्यक्ति विशेष, समूह और समुदायों की अपनी विविध कहानियों को कहने, अनुभवों को बांटने की प्रक्रिया को सुगम बनाते हैं और संचार माध्यम से संपन्न दुनिया में सक्रिय स्रष्टा और संचार माध्यम के सहयोगी बनते हैं।

दुनिया के कई हिस्सों में, स्वयंसेवी क्षेत्र, नागरिक समाज, एजेंसियों, गैर-सरकारी संगठनों और नागरिकों के लिए सामुदायिक रेडियो और अधिक सामुदायिक विकास तथा प्रसारण उद्देश्यों के कार्य में भागीदारी के माध्यम के रूप में काम करता है।

फ्रांस, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड जैसे कई देशों में एक विशिष्ट प्रसारण क्षेत्र के रूप में सामुदायिक रेडियो की महत्वपूर्ण कानूनी परिभाषा की गयी है। परिभाषा के भाग के रूप में ज्यादातर कानूनों में सामाजिक लाभ, सामाजिक उद्देश्य, सामाजिक प्राप्ति जैसे वाक्यांश शामिल किये गये हैं।

सामुदायिक रेडियो ऐतिहासिक रूप से विभिन्न देशों में विभिन्न ढंग से विकसित हुआ और इसलिए यूनाइटेड किंगडम, आयरलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में इस शब्दावली का कुछ अलग-अलग अर्थ होता है।

आयरलैंड में, सामुदायिक रेडियो १९७० के दशक के अंत से सक्रिय है; हालांकि आयरिश सन्दर्भ में सामुदायिक प्रसारण द्वारा पेश किये गये सामुदायिक रेडियो के 18 महीने के पायलट प्रोजेक्ट की संभाव्यता का पता लगाने और मूल्यांकन करने में स्वतंत्र रेडियो व टेलीविजन आयोग को १९९४ तक का समय लग गया। यह परियोजना १९९५ में परिचालन में चली गयी जब देश भर के ग्यारह समुदायों और अभिरुचि समूहों के समुदायों को लाइसेंस जारी किये गये। आयरलैंड के समुदाय रेडियो में प्रक्रिया (कार्यक्रम निर्माण में समुदायों द्वारा भागीदारी) और उत्पाद (कार्यक्रम निर्माण की आपूर्ति के जरिये समुदाय को सेवा प्रदान करना) दोनों को शामिल किया गया है। समुदाय की आवश्यकताओं द्वारा प्रक्रिया और उत्पाद का मिश्रण निर्धारित होता है और समुदाय द्वारा नियंत्रित एक प्रबंधन संरचना के माध्यम से इसे कार्यान्वित किया जाता है। आयरलैंड के स्टेशन भौगोलिक रूप और अभिरुचि या हित के समूह दोनों पर आधारित हैं।

ब्रिटेन में, सामुदाय-आधारित सेवाओं के विचार के चिह्न कम से कम १९६० के दशक के आरंभ में बीबीसी (BBC) स्थानीय रेडियो की मूल अवधारणा के समय में पाए जा सकते हैं। इसके बाद भूमि-स्थित विभिन्न गैर-लाइसेंसी चोर रेडियो स्टेशनों (जैसे कि ईस्ट लंदन रेडियो और रेडियो एएमवाई: ऑल्टरनेटिव मीडिया फॉर यू) ने इस विचार को और विकसित किया। जैसे-जैसे ये चोर रेडियो १९७० के दशक के अंत में और १९८० के दशक के आरंभ में बड़ी तादाद में पैदा होने लगे, तब खासकर लंदन, बर्मिंघम, ब्रिस्टल और मैनचेस्टर जैसे शहरों में इन स्टेशनों के साथ अल्पसंख्यक आप्रवासी समुदायों (अफ्रीकी-कैरिबियाई और एशियाई आदि) के प्रसारण जुड़ने लगे. हालांकि ब्रिटेन में कुछ लोगों के लिए "सामुदायिक रेडियो" "चोर रेडियो" का पर्यायवाची बना रहा, अधिकांश आप्रवासी स्टेशन शुद्ध रूप से विशिष्ट संगीत शैलियों पर केंद्रित रहे और (कम से कम सैद्धांतिक रूप से) लाभ के आधार पर संचालित होते रहे. अपनी संरचना के निर्माण के अंतर्गत समुदाय के स्वामित्व और नियंत्रण के साथ ब्रिटेन की समुदाय रेडियो सेवाएं अलाभकारी आधार पर संचालित होती हैं। ब्रिटेन के पूर्व प्रसारण नियामक द रेडियो ऑथोरिटी द्वारा एक प्रयोग के तहत २००१ में शुरू किया गया, २००५ तक यूके ब्रॉडकास्टिंग रेगुलेटर ऑफ़कॉम द्वारा कोई २०० ऐसे स्टेशनों को लाइसेंस दिया गया। इस तरह के ज्यादातर स्टेशन, आम तौर पर लगभग २५ वॉट (प्रति-प्लेन) के विकिरण शक्ति स्तर पर, एफएम पर प्रसारण करते हैं, यद्यपि विशेषकर अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ एएम (मीडियम वेव) पर भी संचालित होते हैं।

अमेरिका में, सामुदायिक रेडियो स्टेशन लाभ के लिए नहीं होते, समुदाय-आधारित परिचालनों को एफएम बैंड के गैर-वाणिज्यिक, सार्वजनिक भाग में प्रसारण के लिए फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन द्वारा लाइसेंस दिया जाता है। अमेरिका के अन्य सार्वजनिक रेडियो केंद्रों से ये स्टेशन भिन्न होते हैं क्योंकि इनमे प्रसारक के रूप में सामुदायिक स्वयंसेवकों को सक्रियता के साथ हिस्सा लेने की अनुमति मिलती है।[1] प्रसारण फ्रिक्वेंसी के सख्त नियंत्रित आवंटन के कारण ऑस्ट्रेलिया में चोर रेडियो वस्तुतः अज्ञात है और अपराधियों के लिए जेल सहित कड़ी कानूनी सजाओं के प्रावधान हैं।