मध्यकर्णशोथ

Otitis media
वर्गीकरण व बाहरी संसाधन
Otitis media incipient.jpg
A view of the tympanic membrane showing acute otitis media
आईसीडी- १० 65.- 67.
आईसीडी- 381-382
रोग डाटाबेस 29620 serous,
9406 suppurative
मेडलाइन+ 000638 acute, 007010 with effusion, 000619 chronic
ई-मेडिसिन emerg/351 
ent/426 complications, ent/209 with effusion, ent/212 Medical treat., ent/211 Surgical treat. ped/1689
एमईएसएच D010033

मध्यकर्णशोथ (लैटिन), कान के मध्य में होने वाली सूजन या मध्य कान के संक्रमण को कहते हैं।

यह समस्या यूस्टेचियन ट्यूब नामक नलिका के साथ-साथ कर्णपटही झिल्ली और भीतरी कान के बीच के हिस्से में होती है। यह कान में होने वाली दो प्रकार की सूजनों में से एक है, जिसे आम भाषा में कान के दर्द के नाम से जाना जाता है; कान में होने वाली दूसरी सूजन बाह्यकर्णशोथ है। वैसे कान के संक्रमण के अलावा किसी दूसरी बीमारी की वजह से भी कान में दर्द हो सकता है, जैसे कोई भी कैंसर संरचना जिसका संबंध कान तक पहुंचने वाली किसी तंत्रिका से हो और एक ऐसी दाद जो कि हर्प्स जॉस्टर ओटिकस (herpes zoster oticus) में तब्दील हो सकती है। काफी दर्द होने के बावजूद मध्यकर्णशोथ ज्यादा खतरनाक नहीं है और आमतौर पर दो से छह सप्ताह में खुद ही ठीक हो जाता है।

वर्गीकरण

मध्यकर्णशोथ की गंभीरता के कई स्तर हैं, प्रत्येक का वर्णन करने के लिए विभिन्न नामों का इस्तेमाल किया जाता है। कभी-कभार ये शब्दावली काफी भ्रामक होती है क्योंकि एक ही अवस्था के वर्णन के लिए कई शब्दों का प्रयोग किया जाता है। कान के संक्रमण को लेकर एक जो सबसे बड़ी गलतफहमी है वह यह है कि मरीज को लगता है कि इसके लक्षण कान में हो रही खुजली की वजह से है। हालांकि मरीज को इससे परेशानी होती है, लेकिन कान में खुजली कान में संक्रमण का लक्षण नहीं है।

गंभीर

गंभीर मध्यकर्णशोथ (एओएम (AOM)) और इसके साथ होने वाला विषाणुजनित यूआरआई (ऊपरी श्वासनली संक्रमण) अक्सर मूलरूप से विषाणुजनित और स्व-सीमित होते हैं। कानों का संकुलन और शायद हल्की असुविधा तथा चटचटाहट भी होती है, लेकिन ये लक्षण अंतर्निहित यूआरआई के साथ समाप्त हो जाते हैं। आमतौर पर जीवाणुहीन रहने वाला मध्य कान अगर जीवाणु से संक्रमित हो जाए, तो इससे मध्य कान में पस और दबाव बनने लगता है और इसे ही गंभीर जीवाण्विक मध्यकर्णशोथ कहा जाता है। विषाणुजनित गंभीर मध्यकर्णशोथ बहुत थोड़े से समय में ही जीवाण्विक मध्यकर्णशोथ में तब्दील हो सकता है, खासकर बच्चों में, लेकिन आमतौर पर ऐसा होता नहीं है। जीवाण्विक मध्यकर्णशोथ से पीड़ित व्यक्ति को पारंपरिक "कान का दर्द" होता है, यह ऐसा दर्द होता है जो काफी तीव्र और लगातार होता है और अक्सर इससे व्यक्ति को 102 °F (39 °C) [प्रशस्ति पत्र की जरूरत] या उससे अधिक का बुखार भी हो जाता है। जिवाण्विक मामलों की वजह से कान के परदे में छेद, मास्टॉयड स्पेस (मस्टॉयडिटिस (mastoiditis)) का संक्रमण और बहुत कम मामलों में ये इतना फैल सकता है जिससे कि मस्तिष्क ज्वर हो जाए.

पहला चरण – सूजन वाला स्राव जो 1-2 दिनों तक रहता है, बुखार, कठिनाई, मेनिंजिज्म (meningism) (कभी-कभार बच्चों में), तीव्र दर्द (रात में बहुत ज्यादा), कान में आवाजें, बहरापन, संवेदनशील मास्टॉयड प्रॉसेस, कान में घंटी बजना (टिन्निटस)

दूसरा चरण – प्रतिरोध और सीमांकन 3-8 दिन तक रहते हैं। पस और मध्य कान से स्राव खुद-ब-खुद लगातार होता रहता है और उसके बाद दर्द और बुखार का घटना शुरू हो जाता है। उचित उपचार द्वारा इस चरण को घटाया जा सकता है।

तीसरा चरण – इलाज से ठीक होने का चरण 2-4 सप्ताह का होता है। कान से बहाव सूखने लगता है और सुनने की क्षमता भी सामान्य हो जाती है।

सीरमी

बहाव के साथ मध्यकर्णशोथ (ओएमई (OME)) जिसे तरल या बहने वाले मध्यकर्णशोथ (एओएम (SOM)) भी कहा जाता है, यह सामान्य तौर पर स्राव का एक संग्रह है जो यूस्टेचियन ट्यूब क्रिया (Eustachian tube function) में गड़बड़ी होने से बनने वाले नकारात्मक दबाव से मध्यकान में होता है। यह मुख्य तौर पर विषाणुजनित यूआरआई से होता है, जिसमें कोई दर्द या जीवाण्विक संक्रमण नहीं होता है, या फिर यह गंभीर जीवाण्विक मध्यकर्णशोथ से पहले या बाद में हो सकता है। कभी-कभार मध्य कर्ण में तरल पदार्थ की वजह से धीरे-धीरे बहरेपन की समस्या हो सकती है, लेकिन यह तब होता है जब कान के परदे के सामान्य कंपन में आवाज की तरंगें बाधा डालती है। कुछ सप्ताहों या महीनों में मध्य कर्ण का यह तरल पदार्थ काफी घने और चिपचिपे पदार्थ की तरह हो जाता है (इसलिए इसे ग्लू ईयर का नाम दिया गया है), यह धीरे-धीरे बहरेपन की वजह भी बन सकता है। बचपन में ओएमई (OME) से पीड़ित होने की वजह लेट कर खाना खाने और बहुत कम उम्र में समूह में बच्चे की देखभाल किया जाना है, जबकि माता-पिता की धूम्रपान की लत, बच्चे को कम अवधि के लिए स्तनपान कराना और बचपन में देखभाल के लिए ज्यादातर समय समूह में बीतने पर जीवन के पहले दो साल में ओएमई (OME) से पीड़ित होने की आशंका बढ़ जाती है। [1]

पुराना मवाद

पुराना मवाद मध्यकर्णशोथ की वजह से मध्य कर्ण क्षेत्र में कुछ सप्ताहों या उससे ज्यादा वक्त में कान की झिल्ली में एक छिद्र और सक्रिय जीवाण्विक संक्रमण हो जाता है। इसकी वजह से इतना ज्यादा पस हो सकता है कि वह कान के बाहर बहने लगता है (ओटोरेया), या फिर मवाद इतना कम हो सकता है कि जिसे जांच के दौरान सिर्फ दूरबीन माइक्रोस्कोप से ही देखा जा सकता है। यह बीमारी उन लोगों में ज्यादा देखी जाती है जिनकी यूस्टेचियन ट्यूब क्रिया (Eustachian tube function) कमजोर होती है। इस बीमारी की वजह से अक्सर बहरेपन की समस्या हो सकती है। kai bar

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